सन्धि एवं सन्धि विच्छेद

सन्धि एवं सन्धि विच्छेद

सम् + धि = सन्धि

सन्धि शब्द का तात्पर्य मेल/जोड़/योग भी होता है।

सन्धि केवल तत्सम शब्दों में ही होती है।

सन्धि करने के लिए वर्ण परिवर्तन होना आवश्यक है जैसा कि हम सन्धि की परिभाषा में पढ़ते हैं।

दो वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते है।

वर्ण परिवर्तन न होने की दशा में संधि नहीं होती अपितु संयोग होता है।

  • जैसे- धर्म + युद्ध - (धर्मयुद्ध)
  • राका + ईश - राकेश (सन्धि)

संधि करने के लिए विच्छेदित पदों का सार्थक रूप होना चाहिए या व्याकरणिक रूप होना चाहिए।

  • गुड़ाका (नींद) + ईश (स्वामी) - गुड़ाकेश (अर्जुन)
  • प्र+नाम - प्रणाम
  • परि+नय - परिणय

📌 प्रमुख बिंदु

  • सन्धि शब्द का तात्पर्य मेल/जोड़/योग भी होता है।
  • सन्धि केवल तत्सम शब्दों में ही होती है।
  • दो वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते है।
  • वर्ण परिवर्तन न होने की दशा में संधि नहीं होती अपितु संयोग होता है।
  • संधि के तीन भेद हैं- स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
  • स्वर संधि के पांच भेद हैं- दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण संधि और अयादि संधि।

संधि के तीन भेद हैं- स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।

स्वर संधि-

इसके पांच भेद हैं अ. दीर्घ संधि, ब. गुण संधि, स. वृद्धि संधि, द. यण संधि और अयादि संधि।

अ. दीर्घ स्वर संधिः-

अक्- अ/आ, इ/ई, उ/ऊ ऋ

सवर्ण्- अ/आ, इ/ई, उ/ऊ ऋ

दीर्घ- आ ई ऊ ऋ

- यदि अक् (अ/आ, इ/ई, उ/ऊ, ऋ) के बाद सवर्ण आये तो दीर्घ हो जाता है।

अ/आ + अ/आ = आ

अ+अ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
परमार्थपरम+अर्थ
सावधानस+अवधान
सानुग्रहस+अनुग्रह
सानुनयस+अनुनय

विच्छेद-

संधि शब्दसंधि विच्छेद
गीतांजलिगीत+अंजलि
मुरारिमुर+अरि

आ+अ= आ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
विद्यार्थीविद्या +अर्थी
तथापितथा + अपि

विच्छेद-

संधि शब्दसंधि विच्छेद
श्रद्धांजलिश्रद्धा + अंजलि
सभाध्यक्षसभा + अध्यक्ष
द्वारकाधीशद्वारका + अधीश

अ+आ = आ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
देवालयदेव+आलय
सत्याग्रहसत्य+आग्रह
कुशासनकुश+आसन

विच्छेद-

संधि शब्दसंधि विच्छेद
छात्रावासछात्र+आवास
प्रारम्भप्र+आरम्भ

आ+आ = आ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
महाशयमहा+आशय
श्रद्धालुश्रद्धा+आलु

विच्छेद-

संधि शब्दसंधि विच्छेद
कृपाकांक्षीकृपा+आकांक्षी

इ+इ = ई

संधि शब्दसंधि विच्छेद
रवीन्द्ररवि+इन्द्र
अभीष्टअभि+इष्ट
गिरीन्द्रगिरि+इन्द्र
अधीनअधि+इन

इ+ई

संधि शब्दसंधि विच्छेद
हरीशहरि+ईश
परीक्षापरि+ईक्षा
अधीशअधि+ईश
अभीप्साअभि+ईप्सा
अधीक्षकअधि+ईक्षक

ई+इ = ई

संधि शब्दसंधि विच्छेद
महीन्द्रमही+इन्द्र
लक्ष्मीच्छालक्ष्मी+इच्छा
फणीन्द्रफणी+इन्द्र
श्रीन्दुश्री+इन्दु

ई+ई

संधि शब्दसंधि विच्छेद
नारीश्वरनारी+ईश्वर
जानकीशजानकी+ईश
रजनीशरजनी+ईश
नदीशनदी+ईश

उ/ऊ = ऊ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
भानूदयभानु+उदय
गुरूपदेशगुरु+उपदेश
सूक्तिसु+उक्ति
मंजूषामंजु+उषा
अनूदितअनु+उदित
लघूर्मिलघु+ऊर्मि
लघूत्तरलघु+उत्तर
कटूक्तिकटु+उक्ति
लघूत्तमलघु+उत्तम

ऊ+ऊ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
भूर्ध्वभू+ऊर्ध्व
वधूक्तिवधू+उक्ति
भूष्माभू+ऊष्मा
चमूर्जाचमू+ऊर्जा
सरयूर्मिसरयू+ऊर्मि

ऋ+ऋ- ऋृ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
मातृणमतृ+ऋण

अपवाद

संधि शब्दसंधि विच्छेद
विश्वमित्रविश्व+मित्र
दीनानाथदीन+नाथ
अष्टावक्रअष्ट+वक्र
शकन्धुशक+अन्धु
एकादशएक+दश
अष्टादशअष्ट+दश

गुण स्वर संधि

अ+इ = ए

संधि शब्दसंधि विच्छेद
सुरेन्द्रसुर+इन्द्र
स्वेच्छास्व+इच्छा
नेतिन+इति
भारतेन्दुभारत+इन्दु

अ+ई = ए

संधि शब्दसंधि विच्छेद
नरेशनर+ईश
सर्वेक्षणसर्व+ईक्षण
महेशमहा+ईश
गणेशगण+ईश
प्रेक्षाप्र+ईक्षा

आ+इ = ए

संधि शब्दसंधि विच्छेद
महेन्द्रमहा+इन्द्र
राजेन्द्रराजा+इन्द्र
यथेच्छायथा+इच्छा
यथेष्टयथा+इष्ट

आ+ई = ए

संधि शब्दसंधि विच्छेद
राकेशराका+ईश
द्वारकेशद्वारका+ईश
रमेशरमा+ईश
मिथिलेशमिथिला+ईश

अ+उ = ओ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
परोपकारपर+उपकार
सूर्योदयसूर्य+उदय
प्रोज्ज्वलप्र+उज्ज्वल
सोदाहरणस+उदाहरण
अन्त्योदयअन्त्य+उदय

अ+ऊ = ओ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
जलोर्मिजल+ऊर्मि
समुद्रोर्मिसमुद्र+ऊर्मि
नवोढ़ानव+ऊढ़ा
जलोर्जाजल+ऊर्जा

आ+उ = ओ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
महोदयमहा+उदय
शारदोपासकशारदा+उपासक
यथोचितयथा+उचित
महोत्सवमहा+उत्सव

आ+ऊ = ओ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
गंगोर्मिगंगा+ऊर्मि
यमुनोर्मियमुना+ऊर्मि
महोर्जामहा+ऊर्जा
महोरूमहा+ऊरू

अ+ऋ = अर

संधि शब्दसंधि विच्छेद
देवर्षिदेव+ऋषि
सप्तर्षिसप्त+ऋषि
शीतर्तुशीत+ऋतु
उत्तमर्णउत्तम+ऋण

आ+ऋ- अर्

संधि शब्दसंधि विच्छेद
महर्षिमहा+ऋषि
राजर्षिराज+ऋषि

अपवाद-

संधि शब्दसंधि विच्छेद
प्रौढ़प्र+ऊढ़
अक्षौहिणीअक्ष+ऊहिनी
प्रौहप्र+ऊह

वृद्धि स्वर संधि

अ/आ+ए/ऐ- ऐ

अ/आ+ओ/औ- औ

अ+ए = ऐ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
मतैकतामत+एकता
एकैकएक+एक
धनैषणाधन+एषणा
विश्वैकताविश्व+एकता

अ+ऐ = ऐ

संधि शब्दसंधि विच्छेद
ज्ञानैश्वर्यज्ञान+ऐश्वर्य
मतैक्यमत+ऐक्य
स्वैच्छिकस्व+ऐच्छिक
देवैश्वर्यदेव+ऐश्वर्य

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