📌 प्रमुख बिंदु
- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 28 नवंबर, 2022 को शिल्प गुरु राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया।
- राजस्थान के पांच सिद्धहस्त हस्तशिल्प कलाकारों को शिल्प गुरु पुरस्कार और 14 श्रेष्ठ हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- शिल्प गुरु पुरस्कार में सोने का सिक्का, 2 लाख रुपये की राशि, ताम्रपत्र, शॉल और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।
- यह पुरस्कार वर्ष 2002 से शुरू किया गया; हस्तशिल्प में गुरु की भूमिका निभाने वाले सर्वश्रेष्ठ सिद्धहस्त हस्तशिल्पियों को दिया जाता है।
- वर्ष 2017, 2018 और 2019 में राजस्थान के कुल पांच कलाकार इस पुरस्कार से सम्मानित हुए।
राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण कार्यक्रम
- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 28 नवंबर, 2022 को शिल्प गुरु राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान के पांच सिद्धहस्त हस्तशिल्प कलाकारों को शिल्प गुरु पुरस्कार एवं 14 श्रेष्ठ हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनकड़ और केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने समारोह में शिल्प गुरु पुरस्कार विजेताओं को सम्मान स्वरूप सोने के सिक्का, 2 लाख रुपये की राशि, ताम्रपत्र, शॉल और प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही उन्होंने हस्तशिल्प राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण करने वाले विजेताओं को एक लाख रुपये की राशि, ताम्रपत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया।
शिल्प गुरु पुरस्कार
- यह पुरस्कार वर्ष 2002 से शुरू किया गया। यह पुरस्कार ऐसे सर्वश्रेष्ठ सिद्धहस्त हस्तशिल्पियों को दिया जाता है जिन्होंने हस्तशिल्प के क्षेत्र में गुरु की भूमिका निभायी एवं संबंधित कला को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण कार्य किया हो।
राजस्थान से शिल्प गुरु पुरस्कार से सम्मानित
राजस्थान से नामित हस्तशिल्प पुरस्कार विजेता:
वर्ष 2017
- श्री विनोद कुमार जांगिड़ — चंदन की लकड़ी पर बेहतरीन कारीगरी के लिए
- श्री मोहन लाल सोनी — मिनिएचर पेंटिंग के लिए
वर्ष 2018
- श्री गोपाल प्रसाद शर्मा — मिनिएचर पेंटिंग में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए
वर्ष 2019
- श्री मोहन लाल शर्मा — ब्रास वायर से शीशम की लकड़ी पर तारकशी के लिए
- श्री आशाराम मेघवाल — मिनिएचर पेंटिंग में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए
