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राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 का अनुमोदन कब किया गया?

📌 प्रमुख बिंदु

  • राजस्थान मंत्रिमंडल ने 24 नवंबर, 2022 को राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 का अनुमोदन किया।
  • ग्रामीण गेस्ट हाउस (6 से 10 कमरे), कृषि पर्यटन इकाई, कैम्पिंग साइट और कैरावैन पार्क जैसी पर्यटन इकाइयां स्थापित होंगी।
  • इकाइयों को स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट और जमा एसजीएसटी का 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
  • इकाइयों के लिए 15 फीट चौड़ी सड़क आवश्यक होगी; भू-संपरिवर्तन व बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।

राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 का अनुमोदन कब किया गया?

➡️ राजस्थान मंत्रिमंडल द्वारा 24 नवंबर, 2022 को किया गया।

योजना का उद्देश्य: राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 के अनुमोदन से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जाने वाली पर्यटन इकाइयों जैसे- ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैम्पिंग साइट, कैरावैन पार्क की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजित होंगे और स्थानीय लोक कला को प्रोत्साहन एवं ग्रामीण हस्तशिल्प को संरक्षण मिलेगा। साथ ही देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे।

इकाइयों की स्थापना के प्रावधान:

  • इकाइयां 15 फीट चौड़ी सड़क पर न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर एवं अधिकतम 2 हैक्टेयर कृषि भूमि पर अनुमत होंगी।
  • इन इकाइयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
  • इनमें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट सहित कई प्रावधान किए गए हैं।

ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को देय लाभ

राज्य सरकार द्वारा राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2022 के तहत स्थापित ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को निम्न लाभ प्रदान किए जाएंगे—

  • स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट — शुरुआत में 25 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी देय होगी; पर्यटन इकाई शुरू होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर पुनर्भरण किया जाएगा।
  • देय एवं जमा एसजीएसटी का 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
  • ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
  • वन विभाग के अधीन क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन राज्य इको टूरिज्म पॉलिसी, 2021 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
  • स्थानीय लोक कलाकारों एवं हस्तशिल्पियों तथा ग्रामीण स्टार्टअप को अनुमोदन एवं देय लाभों में प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना की विशेषताएं

ग्रामीण गेस्ट हाउस

ग्रामीण क्षेत्रों में गेस्ट हाउस रजिस्टर्ड किए जाएंगे, जिनमें 6 से 10 कमरे होंगे। ये कमरे पर्यटकों के ठहरने के लिए किराए पर उपलब्ध होंगे। गेस्ट हाउस में पर्यटकों के भोजन की व्यवस्था भी होगी।

कृषि पर्यटन इकाई

कृषि योग्य भूमि पर अनुमोदित पर्यटन इकाई न्यूनतम 2,000 वर्गमीटर एवं अधिकतम 2 हैक्टेयर में स्थापित होगी। इसके 90 प्रतिशत हिस्से में कृषि और बागवानी कार्य, ऊंट फार्म, घोड़ा फार्म, पक्षी एवं पशुधन, फसल बोने के लिए, हस्तशिल्प, बगीचे आदि गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश उपलब्ध करवाया जाएगा।

कैम्पिंग साइट

कृषि भूमि पर न्यूनतम 1,000 वर्गमीटर एवं अधिकतम 1 हैक्टेयर पर कैम्पिंग साइट स्थापित हो सकेगी। इसके 10 प्रतिशत हिस्से पर टेन्ट में अस्थाई आवास की व्यवस्था होगी। शेष हिस्से में ऊंट फार्म, घोड़ा फार्म, पशुधन, बगीचे आदि गतिविधियां होंगी।

कैरावैन पार्क

कृषि भूमि पर न्यूनतम 1,000 वर्ग मीटर एवं अधिकतम 1 हैक्टेयर पर कैरावैन पार्क स्थापित हो सकेगा। इस पर अतिथियों के वाहन पार्क किए जाने की बुनियादी सुविधाओं का विकास करना होगा।

होम स्टे (पेईंग गेस्ट हाउस)

पर्यटन विभाग द्वारा पूर्व में जारी होम स्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) स्कीम ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू होगी। इसके तहत आवास मालिक द्वारा स्वयं के आवास में पर्यटकों के लिए 5 कमरों तक आवास सुविधा उपलब्ध होगी।

उल्लेखनीय: इस योजना के तहत ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैम्पिंग साइट, कैरावैन पार्क का प्रोजेक्ट अनुमोदन और पंजीकरण पर्यटन विभाग के संबंधित पर्यटक स्वागत केंद्र द्वारा किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण पर्यटन इकाइयों के लिए 15 फीट चौड़ी सड़क होना आवश्यक होगा।

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