RPSC Protection Officer Syllabus 2026: संरक्षण अधिकारी का पूरा सिलेबस व परीक्षा पैटर्न (Paper-I व Paper-II)

📌 प्रमुख बिंदु

  • परीक्षा: RPSC Protection Officer (संरक्षण अधिकारी) प्रतियोगी परीक्षा 2025
  • विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान
  • कुल पद: 12
  • परीक्षा तिथि: 15 नवंबर 2026
  • दो पेपर: Paper-I सामान्य अध्ययन (अनिवार्य) + Paper-II समाज कार्य अथवा कानून (वैकल्पिक)
  • प्रत्येक पेपर: 300 अंक, समय 3 घंटे, सभी प्रश्न MCQ (बहुविकल्पीय)
  • Negative Marking: प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के अंकों का 1/3 कटेगा
  • न्यूनतम उत्तीर्ण अंक: प्रत्येक पेपर में 40%
  • योग्यता: LLB (कानून स्नातक) अथवा MSW (समाज कार्य में स्नातकोत्तर); देवनागरी हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान व राजस्थानी संस्कृति का ज्ञान आवश्यक

परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern)

पेपरविषयअंकसमय
Paper-I (अनिवार्य)सामान्य अध्ययन (General Studies)3003 घंटे
Paper-II (वैकल्पिक)समाज कार्य (Social Work) अथवा कानून (Law) — दोनों में से कोई एक3003 घंटे

कुल परीक्षा 600 अंकों की होगी। दोनों पेपरों के सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। गलत उत्तर का अर्थ है — ग़लत उत्तर अथवा एक से अधिक उत्तर देना। प्रत्येक पेपर में अलग-अलग न्यूनतम 40% अंक लाना अनिवार्य है।

Paper-I: सामान्य अध्ययन (General Studies) — पूरा सिलेबस

(1) राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा व विरासत

  • राजस्थान के इतिहास की प्रमुख घटनाएँ, प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक व राजस्व व्यवस्था; सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे
  • स्वतंत्रता आंदोलन, राजनीतिक जागरण व राजस्थान का एकीकरण
  • स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताएँ — किले व स्मारक
  • कला, चित्रकला व हस्तशिल्प; राजस्थानी साहित्य की प्रमुख कृतियाँ; स्थानीय बोलियाँ
  • मेले, त्योहार, लोक संगीत व लोक नृत्य; राजस्थानी संस्कृति, परंपराएँ व विरासत
  • धार्मिक आंदोलन, संत व लोक देवता; प्रमुख पर्यटन स्थल; राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

(2) भारतीय इतिहास (Indian History)

  • प्राचीन व मध्यकालीन: प्राचीन व मध्यकालीन भारत की प्रमुख विशेषताएँ व घटनाएँ; कला, संस्कृति, साहित्य व स्थापत्य; प्रमुख राजवंश व उनकी प्रशासनिक व्यवस्था; सामाजिक-आर्थिक स्थिति व प्रमुख आंदोलन
  • आधुनिक काल: 18वीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान तक की प्रमुख घटनाएँ, व्यक्तित्व व मुद्दे; स्वतंत्रता संग्राम व राष्ट्रीय आंदोलन के चरण व प्रमुख योगदानकर्ता; 19वीं-20वीं शताब्दी के सामाजिक व धार्मिक सुधार आंदोलन; स्वतंत्रता के बाद का एकीकरण व पुनर्गठन

(3) भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था व शासन; राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था

  • संविधान: भारत शासन अधिनियम 1919 व 1935, संविधान सभा, संविधान की प्रकृति; प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, राज्य के नीति-निर्देशक तत्व, मौलिक कर्तव्य, संघीय ढाँचा, संवैधानिक संशोधन, आपातकालीन प्रावधान, जनहित याचिका (PIL) व न्यायिक पुनरावलोकन
  • राजनीतिक व्यवस्था: भारतीय राज्य की प्रकृति, लोकतंत्र, राज्यों का पुनर्गठन, गठबंधन सरकारें, राजनीतिक दल, राष्ट्रीय एकीकरण; संघ व राज्य कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका; राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, CAG, योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद, CVC, CIC, लोकपाल, NHRC; स्थानीय स्वशासन व पंचायती राज
  • सार्वजनिक नीति व अधिकार: कल्याणकारी राज्य के रूप में राष्ट्रीय लोक नीति; विभिन्न विधिक अधिकार व नागरिक चार्टर
  • राजस्थान प्रशासन: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा, उच्च न्यायालय, RPSC, ज़िला प्रशासन, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य चुनाव आयोग, राज्य सूचना आयोग; लोक नीति, विधिक अधिकार व नागरिक चार्टर

(4) विश्व, भारत व राजस्थान का भूगोल

  • विश्व: प्रमुख भौतिक विशेषताएँ; पर्यावरण व पारिस्थितिकी मुद्दे; वन्यजीव व जैव-विविधता; अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग; प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र
  • भारत: भौतिक विशेषताएँ व भौतिक विभाग; कृषि व कृषि-आधारित गतिविधियाँ; खनिज — लोहा, मैंगनीज़, कोयला, तेल व गैस, आणविक खनिज; प्रमुख उद्योग; परिवहन गलियारे; प्राकृतिक संसाधन; पर्यावरण समस्याएँ
  • राजस्थान: भौतिक विभाग; जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन, वन्यजीव व जैव-विविधता; प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ; खनिज; जनसंख्या; प्रमुख उद्योग व औद्योगिक विकास की संभावनाएँ

(5) भारतीय अर्थव्यवस्था — राजस्थान की अर्थव्यवस्था पर विशेष बल

  • मूल अवधारणाएँ: बजट, बैंकिंग, लोक वित्त, राष्ट्रीय आय, वृद्धि व विकास; लेखांकन; शेयर बाज़ार; राजकोषीय व मौद्रिक नीतियाँ; सब्सिडी व सार्वजनिक वितरण प्रणाली; ई-कॉमर्स; मुद्रास्फीति
  • आर्थिक विकास व नियोजन: पंचवर्षीय योजनाएँ; कृषि, उद्योग, सेवा व व्यापार क्षेत्र की स्थिति व पहलें; प्रमुख आर्थिक समस्याएँ व सरकारी पहलें; आर्थिक सुधार व उदारीकरण
  • मानव संसाधन: मानव विकास सूचकांक; ग़रीबी व बेरोज़गारी — अवधारणा, प्रकार, कारण, उपाय व प्रमुख योजनाएँ; सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण — कमज़ोर वर्गों के लिए प्रावधान
  • राजस्थान की अर्थव्यवस्था: समग्र अवलोकन; कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्र के मुद्दे; वृद्धि, विकास व नियोजन; अवसंरचना व संसाधन; प्रमुख विकास परियोजनाएँ व कल्याणकारी योजनाएँ (SC/ST/पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/दिव्यांग/महिला/बच्चे/वृद्ध/किसान/श्रमिक हेतु)

(6) समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs)

  • राजस्थान, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व की प्रमुख वर्तमान घटनाएँ व मुद्दे, जिनमें वर्तमान संवेदनशील मुद्दे भी शामिल हैं
  • चर्चित व्यक्ति व स्थान; खेलकूद संबंधी गतिविधियाँ

(7) तार्किक विवेचन, मानसिक योग्यता व आधारभूत संख्यात्मक दक्षता

  • तार्किक विवेचन: कथन व धारणाएँ, कथन व तर्क, कथन व निष्कर्ष, कार्यवाही; विश्लेषणात्मक तर्क
  • मानसिक योग्यता: संख्या श्रृंखला, अक्षर श्रृंखला, बेजोड़ (Odd one out), कोडिंग-डिकोडिंग, संबंधों व आकृतियों पर आधारित प्रश्न
  • संख्यात्मक दक्षता: संख्या पद्धति, परिमाण का क्रम, अनुपात-समानुपात, प्रतिशत, साधारण व चक्रवृद्धि ब्याज; आँकड़ों का विश्लेषण (सारणी, दंड आरेख, रेखा आरेख, पाई-चार्ट)

(8) सामान्य विज्ञान; कंप्यूटर व सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग

  • दैनिक जीवन का विज्ञान; इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी; अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व उपग्रह; रक्षा प्रौद्योगिकी; नैनो प्रौद्योगिकी
  • मानव शरीर, भोजन व पोषण, स्वास्थ्य देखभाल; पर्यावरण व पारिस्थितिकी परिवर्तन तथा उनके प्रभाव; जैव-विविधता, जैव प्रौद्योगिकी व आनुवंशिक अभियांत्रिकी
  • राजस्थान के विशेष संदर्भ में कृषि, बागवानी, वानिकी व पशुपालन; राजस्थान में विज्ञान व प्रौद्योगिकी का विकास

(9) भाषा दक्षता: हिन्दी व English

  • सामान्य हिन्दी: सन्धि व सन्धि-विच्छेद; सामासिक पदों की रचना व समास-विग्रह; उपसर्ग; प्रत्यय; पर्यायवाची शब्द; विलोम शब्द; अनेकार्थक शब्द; शब्द-युग्म; संज्ञा शब्दों से विशेषण बनाना; शब्द-शुद्धि; वाक्य-शुद्धि; वाच्य (कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य); क्रिया (सकर्मक, अकर्मक, पूर्वकालिक); वाक्यांश के लिए एक सार्थक शब्द; मुहावरे व लोकोक्तियाँ; अंग्रेज़ी के पारिभाषिक (तकनीकी) शब्दों के समानार्थक हिन्दी शब्द; सरल, संयुक्त व मिश्र अंग्रेज़ी वाक्यों का हिन्दी में रूपांतरण व हिन्दी वाक्यों का अंग्रेज़ी में रूपांतरण; कार्यालयी पत्रों से संबंधित ज्ञान
  • General English: Tenses/Sequence of Tenses; Voice — Active & Passive; Narration — Direct & Indirect; Transformation of Sentences; Articles & Determiners; Prepositions; Hindi–English Translation; Correction of Sentences (Subject-Verb Agreement, Degrees of Adjective, Connectives); Glossary of Official/Technical Terms (Hindi versions सहित); Synonyms; Antonyms; One Word Substitution; Prefixes & Suffixes से नए शब्द; Confusable Words; Comprehension; Letter Writing — Official, Demi-Official, Circulars, Notices, Tenders

Paper-II (वैकल्पिक): समाज कार्य (Social Work) — सिलेबस

  • (1) समाज कार्य की प्रकृति व विकास: व्यवसाय के रूप में समाज कार्य; समाज कार्य का ऐतिहासिक विकास; समाज कार्यकर्ता की भूमिका; समाजशास्त्रीय अवधारणाएँ — समाज, सामाजिक समूह, समुदाय, संस्था, संस्कृति, सामाजिक संरचना, सामाजिक व्यवस्था, स्तरीकरण, सामाजिक नियंत्रण, समाजीकरण, सामाजिक परिवर्तन; मानव व्यवहार व शासन
  • (2) मनोविज्ञान की मूल अवधारणाएँ: संज्ञान (Cognition), अधिगम, अभिप्रेरणा, संवेग, बुद्धि, भूमिका, सामूहिक व्यवहार; मनोविज्ञान व समाज कार्य का संबंध; व्यक्तित्व के सिद्धांत; व्यवहार के निर्धारक — वंशानुक्रम व पर्यावरण
  • (3) राजनीति विज्ञान की मूल अवधारणाएँ: राज्य, राष्ट्र; भारतीय संविधान की विशेषताएँ; न्यायपालिका, विधायिका व कार्यपालिका; मानवाधिकार — सैद्धांतिक परिचय, घोषणाएँ, संधियाँ व अभिसमय, भारतीय संदर्भ; सामाजिक नीति व समाज कार्य
  • (4) समुदायों के साथ समाज कार्य: समुदाय एक गतिशील इकाई के रूप में; सामुदायिक कार्य — अवधारणा, रणनीतियाँ, सिद्धांत व संदर्भ
  • (5) व्यक्तियों के साथ समाज कार्य: केसवर्क (वैयक्तिक कार्य) — प्रकृति, विकास, सिद्धांत, घटक व तकनीकें; समूह कार्य — सामाजिक समूहों की समझ, समूह गतिकी, समूह विकास व समूह कार्य के क्षेत्र
  • (6) समाज कार्य में अनुसंधान: अनुसंधान विधियाँ; अनुसंधान अभिकल्प (Research Design); आँकड़ा संग्रह की मात्रात्मक व गुणात्मक तकनीकें; सारणीकरण व आँकड़ा विश्लेषण
  • (7) कल्याण व विकास सेवाओं का प्रशासन: समाज कल्याण व विकास संगठन; समाज कल्याण प्रशासन; प्रशासन की रणनीतियाँ व तंत्र; सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण — आयाम, साधन; हाशिये पर रहने वाले लोग (People on the Margins); कानून व सशक्तिकरण
  • (8) परिवार, बच्चे, स्वास्थ्य व दिव्यांगजन: परिवार की समझ व परिवारों के साथ समाज कार्य; बाल विकास — दृष्टिकोण व कार्यक्रम; स्वास्थ्य सेवा समाज कार्य — स्वास्थ्य, कल्याण व रोग की अवधारणा, स्वास्थ्य सेवाएँ व कार्यक्रम; दिव्यांगजनों के साथ समाज कार्य — दिव्यांगता की प्रकृति व आयाम, सेवाएँ व कार्यक्रम, पुनर्वास; कामकाजी परिस्थितियाँ, श्रमिकों हेतु कल्याण उपाय व श्रम कानून
  • (9) सामाजिक विघटन (Social Disorganisation): अर्थ व अवधारणा; अलगाव (Alienation), भिक्षावृत्ति, वेश्यावृत्ति, नशाखोरी, अपराध व बाल अपराधी, श्वेतपोश अपराध (White Collar Crime)
  • (10) परामर्श (Counselling): परामर्श की नींव; परामर्श के दृष्टिकोण, तकनीकें व प्रक्रियाएँ; विभिन्न परिवेशों में परामर्श अभ्यास

Paper-II (वैकल्पिक): कानून (Law) — सिलेबस

  • (1) भारतीय संविधान: मौलिक अधिकारों व राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों पर विशेष बल; रिटों द्वारा अधिकारों का प्रवर्तन; उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली; महान्यायवादी (Attorney General)
  • (2) सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) व परिसीमा अधिनियम (सरकारी कार्यालयों में सामान्यतः आवश्यक प्रावधानों को महत्व); साक्ष्य अधिनियम; घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005; सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
  • (3) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) से संबंधित कानून; किशोर न्याय (Juvenile Justice) व अपराधियों की परिवीक्षा (Probation of Offenders) अधिनियम
  • (4) विधिक भाषा व विधिक लेखन, सामान्य English सहित
  • (5) पारिवारिक कानून (हिन्दू व मुस्लिम विधि): पारिवारिक कानून की अवधारणाएँ व स्रोत; विवाह व विवाह-विच्छेद; तलाक़; दत्तक ग्रहण व संरक्षकता; भरण-पोषण; वैवाहिक उपचार; समान नागरिक संहिता — विशेषकर व्यक्तिगत कानूनों के संदर्भ में
  • (6) आपराधिक कानून के सामान्य सिद्धांत: अपराध का अर्थ, प्रकृति, आवश्यक तत्व व चरण; सामान्य अपवाद; संयुक्त आशय व सामान्य उद्देश्य; संयुक्त दायित्व; आपराधिक प्रयत्न; दुष्प्रेरण (Abetment) व आपराधिक षड्यंत्र; मानव शरीर के विरुद्ध अपराध; संपत्ति के विरुद्ध अपराध; मानहानि; लड़कियों व महिलाओं के विरुद्ध अपराध
  • (7) मानवाधिकार: मानवाधिकार की अवधारणा व विकास; इनके विकास व कार्यान्वयन में संयुक्त राष्ट्र का योगदान; भारत में मानवाधिकारों का कार्यान्वयन — मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993; राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग व NGOs की भूमिका; हाशिये के समूहों का संरक्षण — महिलाएँ, बच्चे, अल्पसंख्यक व शरणार्थी

📚 इन Topics की तैयारी DivanshuGS पर करें

इस syllabus के कई topics पर DivanshuGS पर study material और mock test पहले से उपलब्ध हैं:

तैयारी के लिए सुझाव

  • परीक्षा 15 नवंबर 2026 को है — Paper-I के राजस्थान GK, इतिहास-संस्कृति व संविधान खंडों को सबसे पहले मज़बूत करें, ये लगभग हर RPSC परीक्षा की रीढ़ हैं।
  • Paper-II में वही विषय चुनें जिसमें आपकी डिग्री/पकड़ है — LLB वाले Law व MSW वाले Social Work।
  • Negative marking 1/3 है, इसलिए अंदाज़े वाले उत्तरों से बचें; प्रत्येक पेपर में 40% न्यूनतम अंक अनिवार्य हैं।
  • समसामयिक घटनाओं के लिए अंतिम 6 महीनों की राजस्थान-केंद्रित current affairs नियमित पढ़ें।

📥 Official Syllabus PDF: RPSC की वेबसाइट से Scheme & Syllabus PDF डाउनलोड करें

नोट: उपरोक्त सिलेबस राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर द्वारा जारी official Scheme & Syllabus PDF के अनुसार है। किसी भी बदलाव के लिए आयोग की वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in ही अंतिम स्रोत मानें।

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