जयपुर। महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने और उनके छोटे उद्योगों को बड़े बाज़ार तक पहुँचाने की दिशा में एक नई पहल होने जा रही है। सेवायाम संस्था की पहल ‘शक्ति वंदन’ अब डिजिटल मंच पर कदम रखने जा रही है। पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर की इस पहल के तहत बुधवार को सीतापुरा स्थित पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में ‘शक्ति वंदन’ मोबाइल ऐप का लोकार्पण राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े करेंगे। इस पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों को उत्पादों के प्रदर्शन के साथ बाज़ार, निवेश और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
📌 प्रमुख बिंदु
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बुधवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में ‘शक्ति वंदन’ ऐप का लोकार्पण करेंगे।
- यह सेवायाम संस्था की पहल है, जिसका संयोजन पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर कर रही हैं।
- ‘शक्ति संवाद, उद्यम उत्सव’ में महिला उद्यमियों और निवेशकों के बीच सीधा संवाद होगा।
- बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, कोटा समेत प्रदेश के कई ज़िलों की महिला उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएँगी।
- ऐप में हर स्क्रीन पर ‘रक्षा’ बटन मिलेगा — महिला हेल्पलाइन 1091 व पुलिस 100 पर कॉल और 5 आपात संपर्कों को GPS लोकेशन भेजने की सुविधा होगी।
‘शक्ति संवाद, उद्यम उत्सव’ में निवेशकों से सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाले ‘शक्ति संवाद, उद्यम उत्सव’ में महिला उद्यमियों और निवेशकों के बीच सीधा संवाद होगा। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बाज़ार में माँग समझने, कारोबार बढ़ाने के रास्ते तलाशने और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
प्रदेश भर की महिला उद्यमी लगाएँगी प्रदर्शनी
कार्यक्रम में जयपुर के अलावा बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, कोटा, बूंदी, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, दौसा, भरतपुर, अलवर और सीकर सहित प्रदेश के विभिन्न ज़िलों की महिला उद्यमी भाग लेंगी। ये महिलाएँ अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर अपनी उद्यमशीलता और हुनर का प्रदर्शन करेंगी।
महिला सुरक्षा के लिए ऐप में ‘रक्षा’ फीचर
शक्ति वंदन मोबाइल ऐप में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘रक्षा’ फीचर शामिल किया गया है। इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि रक्षा बटन ऐप की प्रत्येक स्क्रीन पर उपलब्ध रहेगा, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को इसे तलाशने में परेशानी न हो।
इस फीचर के माध्यम से महिला हेल्पलाइन 1091 और पुलिस हेल्पलाइन 100 पर कॉल करने का विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही महिलाएँ अपने 5 भरोसेमंद लोगों के मोबाइल नंबर आपातकालीन संपर्क के रूप में दर्ज कर सकेंगी। ज़रूरत पड़ने पर इन संपर्कों को SMS के माध्यम से अपनी वर्तमान GPS लोकेशन भेजने की सुविधा भी मिलेगी, ताकि आपात स्थिति में सहायता और सूचना जल्द से जल्द पहुँच सके।
